Types Of Asthma | Treatment Of Asthma | Symptoms of Asthma | Causes of Asthma | Asthma Me Kya Khana Chahiye | Asthma ka Ilaj | Allergic Asthma | Types Of Asthma

आओ चलो  Types Of Asthma | Asthma Me Kya Khana Chahiye के बारे में विस्तार से चर्चा करते है |

अस्थमा के विभिन्न प्रकार (Types Of Asthma)

अस्थमा कितना गंभीर है, इसके आधार पर अस्थमा के चार प्रकार हैं। अस्‍थमा रोगियों को सांस लेने में दिक्‍कत होती है और कभी-कभी अचानक सांस रूक जाने से दम घुटने लगता है। अस्‍थमा फेफड़ों को खासा रूप से प्रभावित करता है। इसके कारण व्‍यक्ति को श्‍वसन संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। दमा आजकल केवल बुर्जुगों और व्‍यस्‍कों में ही नहीं बल्कि युवाओं और बच्‍चों में भी देखने को मिल रहा है। बच्‍चों और बड़ों में होने वाला अस्‍थमा एक ही प्रकार का होता है। लेकिन इसके अलावा दमा या अस्‍थमा कई प्रकार के होते हैं। आइए हम आपको बताते हैं दमा के विभिन्‍न प्रकारों के बारे में।

1 एलर्जिक अस्थमा
कुछ लोगों को धूल, मिट्टी, परागकण, प्रदूषित वातावरण के सम्पर्क में आने पर अस्थमा हो जाता है एलर्जिक अस्थमा होता है। साथ ही मौसम में बदलाव भी एक वजह हो सकती है।
2 नोनएलर्जिक अस्थमा
नोनएलर्जिक अस्थमा अस्थमा का एक प्रकार है जो परागकण या धूल जैसे एलर्जी ट्रिगर से संबंधित नहीं है और एलर्जी अस्थमा से कम खतरनाक है। यह जीवन में बाद में विकसित होता है, और अधिक गंभीर भी हो सकता है।
3 नाइट-टाइम अस्थमा
नाइट-टाइम अस्थमा रात को असर दिखते है कुछ लोग दिन में तो ठीक रहते हैं। लेकिन रात को दमा की समस्या होने लगती है। ऐसे मरीजों जो को अटैक रात के समय ही आता है।
4 एक्सरसाइज इंड्यूस्ड अस्थमा
कुछ लोगों को व्यायाम करने व शारीरिक मेहनत करने से अस्थमा हो जाता है कई लोगो के द्वारा अपनी क्षमता से अधिक कार्य करने पर भी अस्थमा हो जाता है।

potential asthma trigger

बच्चों में अस्थमा का निदान कैसे किया जाता है?

5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में अस्थमा का निदान करना थोड़ा अलग है। इस उम्र के बच्चों को आमतौर पर श्वास परीक्षण नहीं दिया जाता है। इसके बजाय, डॉक्टर कुछ संकेतों और लक्षणों के बारे में पूछते हैं और यदि उन्हें लगता है कि अस्थमा हो सकता है, तो ब्रोंकोडायलेटर निर्धारित करता है। यदि ब्रोंकोडायलेटर आपके बच्चे के लक्षणों को कम करने में मदद करता है, तो यह एक संकेत है कि आपके बच्चे को अस्थमा हो सकता है।

अपने आहार का ध्यान रखें

• जिस चीज को खाने से सांस की तकलीफ बढ़ जाती है, उसे मत खाओ। डॉक्टर सिर्फ ठंडी चीजें खाने से मना करते हैं। आमतौर पर रोगी सोचते हैं कि मुझे खाद्य (food) एलर्जी है। लेकिन यह पूरी तरह से सही नहीं हैं। डॉक्टर आपको जो बताते हैं, उसे न खाएं, बाकी सब कुछ खाएं। लेकिन हमेशा जंक फूड से बचें क्योंकि जंक फूड से अस्थमा के दौरे की संभावना बढ़ जाती है।

एक बार में ज्यादा खाना न खाएं। इससे छाती पर दबाव पड़ता है। छोटे छोटे भागों में भोजन करें।तीन बार के बजाय पांच बार थोड़ा थोड़ा करके खाना खाएं।
1.विटामिन ए (vitamin A), विटामिन सी (vitamin c), विटामिन ई (vitamin E) अस्थमा के रोगियों के लिए फायदेमंद है।
2. Vitamin Aके लिए पालक, पपीता, अंडे, दूध, पनीर, बेरी आदि खा सकते हैं।
3. Vitamin C के लिए संतरा, नींबू, टमाटर, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अनानास, सी बकथॉर्न आदि खा सकते हैं। यह फेफड़ों से विषैला पदार्थों को निकालने में मदद करता है जो सांस लेते समय शरीर को ऑक्सीजन देते हैं।
4. Vitamin E के लिए पालक, शकरकंद, बादाम, सूरजमुखी के बीज आदि फायदेमंद हैं।
5. एंटीऑक्सिडेंट फल और सब्जियां जैसे बादाम, अखरोट, मूंगफली, शकरकंद, सी बकथॉर्न आदि फायदेमंद हैं।

एलर्जी अस्थमा (Allergic asthma)

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क्या नहीं खाना चाहिए ?

  • दमा के रोगी को बहुत अधिक प्रोटीन युक्त चीजें नहीं खानी चाहिए।
  • मैदा, चीनी, वसा वाली चीज़ें कम या बिलकुल भी नही खानी चाहीये।
  • अचार, मसालेदार भोजन, ठंडा, और खट्टा चीज़ें नहीं खानी चाहिए।
  • अस्थमा के रोगी के लिए ओमेगा फैटी एसिड ( Omega 3 ) अच्छा होता है।
  • यह सी बकथॉर्न, सामन मछली, टूना मछली, मेवो और अलसी में पाया जाता है। यह सांस की तकलीफ से राहत देता है।
  • अस्थमा के रोगी के लिए फोलिक एसिड भी फायदेमंद होता है।
  • यह पालक, ब्रोकोली, चुकंदर, शतावरी, मसूर की दाल में पाया जा सकता है। फोलिक एसिड फेफड़ों से कैंसर पैदा करने वाले तत्वों को निकालता है।
  • ऑलिसिन तत्व लहसुन में मौजूद होता है जो फेफड़ों से उग्रकणों को हटाने में मदद करता है।
  • लहसुन फेफड़ों की सूजन को कम करता है और संक्रमण से लड़ता है।

और पढ़ें:– मधुमेह क्या है?

अस्थमा क्या है?

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उपचार

उपचार में स्वयं की देखभाल और ब्रोन्कोडायलेटर्स शामिल हैं। दमा को आमतौर पर लक्षणों (सल्बुटामॉल) और कंट्रोलर इनहेलर्स के लक्षणों (स्ट्रेप्टिड्स) से बचाने के लिए बचाव इन्हेलर्स के साथ प्रबंधित किया जा सकता है। गंभीर मामलों में, इनहेलर (फॉर्मोटेरोल, साल्मेटेरोल, टियोट्रोपियम) लियाजाताहै जो सास की नली को खुला रखने में मदद करते है। स्टेरॉयड भी दिए जाते हैं।

अस्थमा में दी जाने वाली दवाएं :-
1. स्टेरॉयड (steroids)
2. सूजनरोधी(Anti-inflammatory)
3. ब्रोंकोडाईलेटर्स ( Bronchodilators )

खुद की देखभाल :-
1. यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो धूम्रपान छोड़ दें।
2. सुगंधित वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
3. कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम जैसे ठंडी खाद्य उत्पादन न लें।
4. यदि आपको सांस लेने में कठिनाई महसूस होती है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

अस्थमा के तथ्य

  • कूल 26.5 मिलियन अस्थमा रोगियों में से 20.5 मिलियन वयस्क हैं और 6.1 मिलियन बच्चे हैं।
  • अस्थमा वयस्कों (7.7%) की तुलना में बच्चों (9.4%) में अधिक पाया गया हैं।
  • पुरुषों (7%) की तुलना में महिलाओ (9.2%) में अस्थमा अधिक पाया जाता है।
  • 8.3% अमेरिकी अस्थमा से पीड़ित हैं।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार भारतीयों में 15 से 20 मिलियन अस्थमा के मरीज हैं। जिसमें 10 से 15% बच्चे हैं।
  • एक साल में अस्थमा के हमले के कारण लगभग 1.3 मिलियन लोग भर्ती कीये जाते हैं।
  • 80% से अधिक अस्थमा से मृत्यु निचले और निचले मध्य देशों में होती है।

CONCLUSION

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3 Comments

  1. rajat

    Is post se mujhe pta chla h ki mujhe allergic asthma h,🙏

    • Pramod Jangid

      Thanks For Appreciation
      Please Regular visit our website
      Subscribe and share our post

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