Shisham Ki Patti Ke Fayde | शीशम के पत्ते के फायदे

Shisham Ki Patti Ke Fayde | शीशम के पत्ते के फायदे | शीशम के फायदे धातु रोग में | शीशम पत्ते खाने के फायदे | शीशम के पत्ते का रस | शीशम का बीज | Shisham Ki Patti Ke Fayde

आपने शीशम के पेड़ की सड़कों के किनारे और बाग बगीचों में जरूर देखा होगा। शीशम की लकड़ी मजबूत होती है जिससे इसका उपयोग फर्नीचर के निर्माण में किया जाता है। इसके अलावा शीशम का वृक्ष हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। इस वृक्ष की लकड़ी और बीजों से एक तेल निकाला जाता है, जिसका प्रयोग बीमारियो के इलाज में किया जाता है। पौराणिक ग्रंथों में भी शीशम बारे में बताया गया है। इसके अनेक फायदे होते हैं|

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शीशम क्या है

शीशम का वैज्ञानिक नाम एनिबा रोजाऐंडोर है। शीशम की लकड़ी मजबूत होती है। इसलिए इसका प्रयोग फर्नीचर बनाने इमारतों में अधिक किया जाता है। लेकिन इसके आलावा शीशम में औषधीय गुण भी है जो हमारे शरीर को कई बीमारियो से बचाता है।
शीशम का पेड़ लगभग 30 मीटर तक ऊंचा होता है। इसकी छाल मोटी, भूरे रंग की तथा दरारयुक्त होती है इसमें पीले रंग के तथा छोटे फूल आते हैं। इसकी पत्तियां गोल और आगे से हल्की सी नुकीली होती है।

शीशम की पत्तियों को जड़ी-बूटी के रूप में काम मे लिया जाता है। इसका तेल भी दर्दनाशक, अवसादरोधी, सड़न रोकने वाले, कामोत्तेजक, जीवाणु रोधक, कीटनाशक और स्फूर्तिदायक होता है। शीशम का पेड़ हमारे लिए काफी फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं शीशम के पत्ते के फायदे, शीशम के तेल के फायदे।

शीशम के अन्य नाम

भारत में शीशम के पेड़ को कई नामों से जाना जाता है जैसे–

  1. वैज्ञानिक नाम– एनिबा रोजाऐंडोर
  2. हिंदी– शीशम, सीसम, शीसो शीसव
  3. English– Indian rosewood
  4. संस्कृत– श्शांप, पिप्पला, युगपत्तेिका, पिच्छिला
  5. गुजराती– सीसोम और सीस
  6. तेलगु– सिंसुपा
  7. तमिल– गेट्टे और मुक्कोगेट्टे
  8. बंगाली में– शिसु
  9. पंजाबी– नेलकर
  10. मलयालम– इरुविल
  11. मराठी– सीसू और शिसव

शीशम के पत्ते के फायदे ( Shisham Ki Patti Ke Fayde )

1. पेट की जलन कम करे

  • आपके पेट में जलन हो रही है तो आप शीशम की पत्तियों का उपयोग कर सकते हैं।
  • इसके लिए 10-15 शीशम की पत्तियों का रस निकाले और इसे पीएं। इससे पेट की जलन की बीमारी ठीक हो जाती है।

2. बुखार होने पर

  • अगर आपको बुखार ही जाता है तो भी शीशम की पत्तियों का प्रयोग कर सकते हैं।
  • दो चम्मच शीशम का रस ले और दूध 160 मिली लें। इनको मिलाकर गर्म करें।
  • जब दूध थोड़ा रह जाए तो दिन में 3 बार इसका सेवन करें। इसे बुखार ठीक हो जाता है

3. आंखो में जलन होने पर

  • अगर आपकी आंखो में जलन हो रही है तो शीशम की पत्तियों का रस बहुत फायदेमंद होता है।
  • शीशम की पत्तियों के रस को शहद में मिलाकर एक एक बूंद आंखो में डाले, आंखो की जलन सही हो जाएगी।

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4. एनीमिया होने पर

  • एनीमिया होने पर 10-15 मिली शीशम की पत्तियों का रस लें और इसका सुबह और शाम सेवन करें।
  • इससे एनीमिया में भी लाभ मिल जाता है।

5. मासिक धर्म की समस्या दूर करे

  • मासिक धर्म की रुकावट में भी शीशम का उपयोग कर सकते हैं।
  • इसके लिए शीशम की पत्तियों का चूर्ण बनाए और दिन में दो बार लेे।
  • कुछ दिन लेने से मासिक धर्म की रुकावट में लाभ होगा।
  • मासिक धर्म में होने वाला अनियमित रक्तस्राव भी शीशम की पत्तियों के सेवन से ठीक हो जाता है।
  • शीशम के 8-10 पत्ते और 25 ग्राम मिश्री को पीसकर और पानी के साथ मिला लेे इसका सुबह के समय खाली पेट सेवन करे।
  • कुछ दिनों के सेवन से मासिक धर्म में होने वाला अनियमित रक्तस्राव नोर्मल हो जाएगा।
  • मधुमेह के रोगी बिना मिश्री के सेवन करे।

6. मूत्र रोग होने पर

  • मूत्र रोग जैसे पेशाब का रुक-रुक कर आना, पेशाब में जलन होना, पेशाब में दर्द होना आदि में भी शीशम की पत्तियां लाभकारी होती है।
  • 20-40 मिली शीशम की पत्तियों का काढ़ा बनाएं। इसे दिन में 3 बार पिलाएं। इससे मूत्र रोगों से छुटकारा मिल जाएग

7. दस्त होने पर

  • दस्त को रोकने के लिए भी शीशम की पत्तियों का सेवन किया जाता हैं।
  • शीशम के पत्ते, जौ लें। दोनों को मिलाकर काढ़ा बनाएं। अब 10-20 मिली काढ़ा में मात्रानुसार घी तथा दूध मिला लें।
  • इसे अच्छे से मिलाए और इसका सेवन करें। आपके दस्त बंद हो जाएंगे।

8. हैजा होने पर

  • हैजा होने पर उसके इलाज के लिए 5 ग्राम शीशम के पत्ते में 1 ग्राम पिप्पली तथा 500 मिग्रा इलायची मिलाएं।
  • इसे पीसकर 500 मिग्रा की गोली बना लें। 2-2 गोली सुबह और शाम देने से हैजा ठीक हो जाता है।

9. ब्लड शर्कुलेशन को सही रखे

  • रक्त संचार को सही रखने में भी शीशम की पत्तियों का प्रयोग किया जाता है।
  • 5 मिली शीशम की पत्तियों के रस में 10 ग्राम चीनी तथा 100 मिली दही मिलाकर सेवन करने से रक्त संचार या ब्लड शर्कुलेशन ठीक रहता है।

10. नकसीर बंद करे

  • शीशम के पत्तो को कूटकर या पीसकर उसके रस की चार पांच बूंद नाक में डालने से नकसीर तुरंत बंद हो जाती हैं।

11. केंसर होने पर

  • अगर आपके आसपास किसी भी परिचित या अपरिचित को केंसर है तो उसे यह उपचार जरूर बताएं।
  • उसे समझाए की जो दवाई केंसर की चल रही है उसे चलने दे किन्तु उसके साथ ही शीशम की पत्तियों का जूस पंद्रह दिनों तक लेवे और उसके बाद शीशम की पत्तियों को चबाना शुरू कर दे।
  • आप यकीन करें देखते ही देखते बेहतरीन नतीजे आने शुरू हो जायेगे और केंसर जैसी घातक बीमारी खत्म हो जाएगी।

12. धातु रोग होने पर

  • अगर आपको धातु रोग की समस्या है तो तो शीशम की पत्तियों को पीस करके इसका सेवन करें।
  • धातु रोग की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

13. ल्यूकोरिया होने पर

  • ल्यूकोरिया होने पर भी शीशम के पत्ते फायदेमंद होते हैं। इसके लिए शीशम के 8-10 पत्ते व 25 ग्राम मिश्री को पीसकर रोजाना सुबह सेवन करें।
  • इससे ल्यूकोरिया की समस्या दूर हो जाएगी।

14. स्तनों के सूजन को कम करे

  • महिलाओ को स्तनों में सूजन की समस्या को दूर करने में भी शीशम का उपयोग करना चाहिए।
  • स्तनों में सूजन होने शीशम के पत्तों को गर्म करके स्तनों पर बांधें और शीशम के पत्ते काढ़े से स्तनों को धोए सूजन हट जाएगी

15. सिफलिश रोग दूर करे

  • सिफलिश रोग होने पर भी शीशम के पत्ते फायदेमंद होते है। इसीलिए शीशम के पत्ते का काढ़ा पीएं।

16. सुजाक रोग होने पर

  • सुजाक रोग से छुटकारा पाने के लिए शीशम के पत्ते के रस को दिन में 3 बार पीएं।

17. कुष्ठ रोग होने पर

  • कुष्ठ रोग होने पर 20-40 मिली शीशम पत्ते से बने काढ़ा को सुबह और शाम पीने से कुष्ठ रोग दूर हो जाता हैं। कोढ़ में भी इसके पत्तों का काढ़ा फायदेमंद होता है।

शीशम के तेल के फायदे

1. चर्म रोग में

  • शीशम के तेल को चर्म रोगों पर लगाने से चर्म रोगों से छुटकारा मिल जाता है।
  • इससे खुजली भी ठीक हो जाती है। शीशम के तेल को तिल के तेल में मिला लें।
  • इसे त्वचा पर लगाने से त्वचा की बीमारियां सही हो जाती है।

2. बालो के लिए

  • शीशम का तेल विटामिन ई, बी कॉमप्लेक्स और खनिज जैसे मैग्नीशियम, केल्शियम, फास्फोरस और प्रोटीन से भरपूर होता है
  • जो जड़ से बालो को मजबूत करता है और गहराई से पोषण देता है। बालो झड़ना बंद करता है।
  • अपने बालो और सिर में शीशम के तेल का इस्तेमाल लंबे समय बालो के प्राकृतिक रंग को बरकरार रख सकता है।
  • शीशम का तेल बालो के चारो ओर एक सुरक्षात्मक परत बनाकर बालो को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है।
  • इसके तेल की सिर में या बालों में मालिश करने से बाल जल्दी सफेद नहीं होते है।
  • शीशम के तेल से हर रोज रात में सोने से पहले मालिश करने से रूसी खत्म हो जाती है।

अगर आप बालो के लिए शीशम के तेल का उपयोग करना चाहते है और इससे अपने बालो को फायदा देना चाहते हैं तो शीशम के तेल के लिए हमारी दी गई E- Mail id – [email protected] पर संपर्क करें।

3. घाव जल्दी भरे

  • शीशम के तेल को घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है।

4. तनाव से मुक्ति पाए

  • अपने अदभूत शितलन गुणों के कारण शीशम का तेल तनाव को दूर करने में भी मदद करता है।
  • इसका सेवन आपको उदासी और निराशा से दूर रखता है। साथ ही जिंदगी में सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने में मदद करता है।

5. दांतो, सिर का दर्द होने पर

  • शीशम का तेल दांतों, सिर और जोड़ों के दर्द में लाभकारी होता है।
  • अगर आपको दांत में दर्द हो तो शीशम के तेल को रुई में लगाकर दांत के नीचे रख लें। ऐसे करने से कुछ ही देर में दांत के दर्द में राहत मिल जायेगी।
  • सिर में दर्द होने पर शीशम के तेल की मालिश फायदेमंद होती है। जोड़ों में दर्द होने पर भी शीशम का तेल गर्म करके लगाने से दर्द में राहत मिल सकती है।

6. शरीर मे जलन होने पर

  • शीशम का तेल लगाने से शरीर की जलन दूर हो जाती है।

शीशम का किन रूपो में इस्तेमाल किया जाता है

शीशम के पेड़ में शीशम की जड़, पत्ते, गुदा, छाल, तेल, पाउडर, एक्सट्रेक्ट आदि के रूप मे इस्तेमाल किया जाता है

शीशम का सेवन कितना करे

शीशम का सेवन की खुराक अलग अलग लोगो में अलग अलग होती है। इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से संपर्क जरूर करे क्योंकि सही मात्रा सेवन ही फायदेमंद होता है। अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक हो सकता है।

शीशम के नुकसान

  1. किसी बीमारी में इसके सेवन से पहले डॉक्टर से संपर्क जरूर करे।
  2. प्रेग्नेंसी में इसका सेवन नही करे।
  3. कब्ज की समस्या होने शीशम की जड़ का सेवन नही करना चाहिए।
  4. अगर किसी को इससे एलर्जी हो तो इसका सेवन नही करे।
  5. अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसीलिए डॉक्टर से सलाह लेकर ही सेवन करें।

3 thoughts on “Shisham Ki Patti Ke Fayde | शीशम के पत्ते के फायदे”

    • बहुत बहुत धन्यवाद हमारी वेबसाइट पर दी गई जानकारी को पढ़ने के लिए

      आपके धातु रोग के लिए आप अगर रोजाना सुबह 10 से 15 पत्तियां अच्छे से चबाकर खाएं तो 15 दिनो में आपको इसका फायदा दिखने लगेगा यह उपचार में समय लगता तो इसको थोड़ा समय दे

      वैसे कोई परेशानी नही होती अगर कुछ आपको परेशानी दिखती है तो अपने डॉक्टर को संपर्क कर ले
      धन्यवाद !

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  1. मुह मे छाले हो जाते है इससे सही हो जाऐगे क्या

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