सी बकथॉर्न क्या है? : Sea Buckthorn In Hindi |

सी बकथॉर्न क्या है?  अगर नहीं पता तो हम आपको बताते है l

सुनने में तो आपको लग रहा होगा कि यह समुद्र में पाया जाने वाला कोई पौधा है। मगर ऐसा नहीं है सी बकथॉर्न एक जड़ी बूटी है। सी बक्थार्न बहुत उंचाई पर उत्पन्न होने वाला एक पादप है। इसे हिमालयन बेरी भी कहते हैं। औषधि बनाने के लिए इसकी पत्तियों, फूलों और फलों का उपयोग किया जाता है।

आओ चलो सी बकथॉर्न क्या है? के बारे में विस्तार से चर्चा करते है |

हैलो दोस्तों
आप पढ़ रहे हैं स्वास्थ्य बुक। यहा आपको स्वास्थ्य सबंधित सभी जानकारियां मिलेंगी।
और हमारी कोशिश रहेगी आपको ज्यादा से ज्यादा विस्तार में जानकारी दे सके । फिर भी कोई जानकारी रह गई और आपके कोई प्रश्न हो तो कमेंट बॉक्स में लिखें हम जल्द से जल्द आपको जवाब देने की कोशिश करेंगे।
अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगे और आपको ऐसी जानकारी पड़ना और अपनी नॉलेज को बढ़ाना चाहते हो तो नीचे दिए गए न्यूज़लैटर बॉक्स में अपनी डिटेल भरकर Submit करे
जिससे आपको ई- मेल के जरिए समय – समय नई जानकारी के लिए अपडेट कर सके ।

आज के भागदौड़ के इस जीवनकाल में हम इतना ज्यादा busy हो गए हैं कि हमारे पास इतना भी समय नहीं होता हि हम ठीक से अपने खानपान पर ध्यान दे पाएं। जिससे हमारे शरीर में मिनरल्स, प्रोटीन और विटामिन सहित कई पोषक तत्व की कमी हो जाती है। जो हमें किसी ना किसी बिमारी का शिकार बना देती है। बिमार होते ही हम अंग्रेजी दवाइयां लेते हैं जो हमें कुछ समय तक तो ठीक रखती है परन्तु कुछ समय बाद वापस उससे बड़ी बिमारी निकलकर सामने आती है। और सिलसिला जारी रहता है। इसलिए हम आपके लिए लेकर आए है एक ऐसा आयुर्वेदिक एक फल जो कि आपके शरीर की हर जरुरत को पूरा करेगा। जिसका नाम है सी-बक्थार्न(SEA BUCKTHORN)। जी हां सी-बक्थोर्न एक ऐसा फल है। जो कि आपकी शरीर में विटामिन्स, मिनरल्स सहित हर पोषक तत्व की कमी को पूरा करेगा। साथ ही कई गंभीर बीमारियों से भी बचाएगा।

सी बकथॉर्न क्या है?

सी बक्थार्न बहुत उंचाई पर उत्पन्न होने वाला एक पादप है। इसे हिमालयन बेरी भी कहते हैं। यह एक झाड़ी और एक औषधीय पादप है। जिसमे नारंगी-पीले रंग के बेर आते है भारत में, यह हिमालय क्षेत्र में पाया जाता है, आमतौर पर शुष्क क्षेत्रों जैसे लद्दाख और स्पीति के ठंडे रेगिस्तान में।  4000 फुट की ऊंचाई पर उगने वाले इस पौधे के फलों के चमत्कारिक गुणों के कारण इसे ‘संजीवनी बूटी’ के समान माना जाता है। जिसकी जड़ें लगभग 200 फीट गहराई तक जाती है। SEA BUCKTHORN पूरी दुनिया का पहला ऐसा फल जिसकी जड़ें भी काम है तना भी काम का है पत्तियां भी काम है और फल तो है ही। हिमाचल प्रदेश में, इसे स्थानीय रूप से चार्म कहा जाता है और लाहौल और स्पीति और किन्नौर के कुछ हिस्सों में जंगली पेड़ो के साथ उगता है।

इसका वैज्ञानिक नाम Hippophae Rhamnoides है। यह Elaeagnaceae परिवार से ताल्लुख रखता है। इसे सेंडथॉर्न (sandthorn), सैल्लोथॉर्न (sallowthorn), और सीबेरी (seaberry), हिमालयन बेरी के नाम से भी जाना जाता है।

और पढ़ें:सी-बकथोर्न के लाभ

और पढ़ें: सी-बकथोर्न में पाये जाने वाले पोषक तत्त्वों एवं विटामिन से शरीर को लाभ

सी बकथार्न का इतिहास

अब आप सोच रहे होगें कि सी बकथॉर्न क्या है? सीबकथोर्न का इस्तेमाल अभी से शुरु हुआ होगा, लेकिन ऐसा नही है। इसका इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है। वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार इसे संजीवनी बूटी के गुण मिलते है। जिसका इस्तेमाल रामायण काल में किया गया था। रामायण काल में लक्षमण जी को ठीक करने के लिए जिस संजीवनी बूटी का इस्तेमाल किया गया था यह वही संजीवनी बूटी का रूप है।

सीबकथोर्न को दैनिक जीवन में उपयोग में लाने हमारे देश के प्रधानमंत्री भी कह रहे हैं। और रही बात इसके असर करने की तो आपको यह बात जानकर खुशी होगी कि इंटरनेशनल रेसलर संग्राम सिंह भी इसका सेवन करते हैं। जिन्होंने खुद इसके फायदो के बारे में बताया कि इसका सेवन करने से उनको वजन कम करने में काफी मदद मिली। और वजन कम करने के लिए ही नहीं बल्कि सभी प्रकार की बिमारियों से हमारे शरीर को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

सी बकथोर्न हमारे लिए किस किस रूप में उपलब्ध हैं।

  • सी बकथॉर्न ड्राई बेरीज (Sea Buckthorn Dry Berries)
  • सी बकथॉर्न एक्सट्रैक्ट सॉफ्ट जेल्स, कैप्सूल (Sea Buckthorn Extract Soft Gel)
  • सी बकथॉर्न इम्यूनिटी बूस्टर जूस
  • सी बकथॉर्न ब्यूटी केयर प्रॉडक्ट
  • सी बकथॉर्न का ऑयल लिक्वड एक्सट्रेक्ट (Sea Buckthorn Liquid Oil Extract)
  • और पढ़ें: पुदीना उगाने से पहले ये गलतियां ना करे।

सी बकथॉर्न के फायदे

सी बकथॉर्न की चाय एमडी विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट, प्रोटीन, अमीनो एसिड, फैटी एसिड और मिनरल्स आदि पोषक तत्व होते है जो ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए फायदेमंद होती है। यह चाय बेड कोलेस्ट्रॉल कम करती है। इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए बहुत फायदेमंद है।
सी बकथॉर्न की पत्तियों और फूलों का उपयोग गठिया, गाउट, स्किन समस्या, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल अल्सर जेसी बीमारियों के इलाज में किया जाता है।
अगर किसी की छाती में कफ जम गया है तो सी बकथॉर्न के बीज या बेरी तेल का इस्तेमाल कफ ढीला करने के लिए किया जाता है जिससे कफ बाहर निकल सके।
तेल का उपयोग ब्लड वेसल्स डिजीज को रोकने के लिए किया जाता है।
सी बकथॉर्न बेरी का इस्तेमाल इन्फेक्शन होने पर किया जाता है यह उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीरे करता है।
सी बकथॉर्न के बीज के तेल का उपयोग बढ़ती उम्र में सोचने की शक्ति को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
सनबर्न से बचने के लिए बकथॉर्न बेरी या तेल को स्किन पर लगाया जा सकता है हैं।
इसका उपयोग जलने और कटने वाले घाव भरने के लिए किया जाता है।
मुंहासे, ड्राइ स्किन , एक्जिमा, स्किन अल्सर और म्यूक्स मेंब्रन से छुटकारा दिलाने में भी सी बकथॉर्न सहायक होता है।

सी बकथोर्न से जुड़े ऐसे तथ्य जो शायद आपको भी नहीं पता|

  1. मंगोलियाई शासक चंगेज खान जो 13वी सदी का महान शासक था। उसकी विजय में ये तीन किरदार अहम थे- सीबकथोर्न, सुव्यवस्थित सेना व कड़ा अनुशासन। चंगेज खान अपने सेनिकों व घोड़ों को अपार शक्ति व उर्जा के लिए नियमित रूप से सीबकथोर्न देता था।
  2.  18वी सदी की प्राचीन तिब्बती चिकित्सा बुक “सीबू येदिया” के पूरे 30 पन्नो पर सीबकथोर्न के औषधीय गुणों का वर्णन किया है।
  3. 80 के दशक में रुसी अंतरिक्ष विभाग द्वारा अपने अंतरिक्ष यात्रियों को पोषक व विकिरणों से बचने के लिए सप्लिमेंट के तोर पर सीबकथोर्न दिया गया।
  4. आपने देखा होगा कि ओलंपिक खेलों में अधिकतर चीनी खिलाड़ी ही गोल्ड मेडल लेकर जाते हैं। आपने कभी सोचा है कि वो ही क्यो लेकर जाते है?क्या कारण है इसका? इसका जवाब है सीबकथोर्न जी हां। सभी चीनी खिलाड़ियों को ओलंपिक के दौरान उर्जा के लिए सीबकथोर्न दिया जाता है। और यही नहीं अभी 2008 में हुए Beijing ओलंपिक में सीबकथोर्न को तो राष्ट्रीय पेय भी घोषित कर दिया। तभी से चीनी खिलाड़ियों की डाइट का हिस्सा है। चलो यह तो बात चीन की थी अब भारत की भी कर लेते है भारत में पिछले कई सालों से DRDO सीबकथोर्न पर research कर रहा है और पिछले कई सालों से सीबकथोर्न को भारतीय सैनिकों को दिया जा रहा है।

सीबकथॉर्न एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार, हिमाचल, लद्दाख, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में लगभग 15,000 हेक्टेयर क्षेत्र में पाया जाता हैं। पालमपुर में कृषि विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर और महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा, “सीबकथॉर्न के फल और पत्तियो में अन्य पदार्थों के अलावा विटामिन, कैरोटेनॉइड और ओमेगा फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं, और यह उच्च ऊंचाई पर सैनिकों की मदद कर सकते हैं।”

सीबकथॉर्न एसोसिएशन चाहता है कि विभिन्न हिमालयी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के वन विभाग प्रतिपूरक वनीकरण या CAMPA फंड का उपयोग करते हुए शुष्क और सीमांत भूमि पर सीबकथॉर्न लगाए।

हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बर्फीले क्षेत्रो में इस तरह के वृक्षारोपण के लिए कहा है क्योकि ये वृक्ष विशेष रूप से हिमालय के ग्लेशियरों के जल के प्रवाह को कम कर देते है | हिमाचल के सीएम जय राम ठाकुर ने घोषणा की है कि अगले पांच वर्षों में राज्य में 250 हेक्टेयर पर सीबकथॉर्न जरूर लगाए जाएंगे। इस वादे से एसोसिएशन खुश नहीं है। परियोजना के लिए राज्य में कम से कम 2,500 हेक्टेयर में झाड़ी लगाने की जरूरत है |

और पढ़ें: सेब के सिरके के नुकसान

सीबकथॉर्न के कई लाभ हैं क्योंकि इसमें बहुत अधिक पोषण होता है ओमेगा 3,6,7,9। आपने यहाँ सीखा होगा कि अगर हमारे जीवन में सीबकथॉर्न मिलाया जाता है, तो हम इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं, अगर शरीर की कोई समस्या है, तो आप इसके उत्पादों को अपनाकर इसका उपयोग ठीक कर सकते हैं। यदि आप उत्पादों का लाभ लेना चाहते हैं।

कृपया हमारी ईमेल आईडी पर संपर्क करें. {[email protected]}

8 thoughts on “सी बकथॉर्न क्या है? : Sea Buckthorn In Hindi |”

  1. Youre so cool! I dont suppose Ive read anything like this before. So nice to seek out someone with some original ideas on this subject. realy thanks for starting this up. this website is something that’s wanted on the internet, somebody with just a little originality. useful job for bringing one thing new to the web!

    Reply
  2. Hello.This article was really interesting, especially since I was investigating for thoughts on this matter last Monday.

    Reply
  3. A powerful share, I just given this onto a colleague who was doing just a little analysis on this. And he in fact bought me breakfast as a result of I discovered it for him.. smile. So let me reword that: Thnx for the treat! But yeah Thnkx for spending the time to debate this, I really feel strongly about it and love studying more on this topic. If attainable, as you grow to be expertise, would you mind updating your weblog with more details? It is extremely useful for me. Big thumb up for this weblog submit!

    Reply
  4. That is really interesting, You are a very skilled blogger. I’ve joined your feed and sit up for in the hunt for extra of your great post. Additionally, I have shared your web site in my social networks!

    Reply
  5. There is noticeably a bundle to learn about this. I assume you made sure nice points in options also.

    Reply
  6. Hello, it’s really great, people keen to know about medical plant’s and it’s benefits.
    We are coming back to our roots for medical treatments. You are doing great job. I am keen to know about the type-2 diabitic treatment and plants/ Ayurvedic treatment.

    Reply
  7. So nice this article, I’m distributor in immunity boosting sea buckthorn joice, can I help you everyone😇 plz contact me. 7089049781

    Reply
  8. I absolutely love your blog.. Excellent colors & theme.
    Did you develop this amazing site yourself? Please reply
    back as I’m trying to create my own site and want to know where you got this from or just what the theme
    is called. Thank you!

    Reply

Leave a Comment