क्या रेमडेसिवीर इंजेक्शन कोरोना का इलाज करता है? | रेमडेसिविर इंजेक्शन के फायदे | Remdesivir इंजेक्शन के साइड इफेक्ट | रेमडेसिवीर इंजेक्शन कहा बनती है?

  • 2020 में कोरोना की पहली लहर के मुकाबले 2021 में दूसरी लहर अधिक खतरनाक है। इससे पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।
  • रोजाना लाखो कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं। अस्पतालों में कोरोना मरीजों की लाइन लग रही है, शमशान घाट में लाशों की लाइन लग रही है। इस बीच देश में अचानक एक तरफ वेल्टीनेटर बेड और ऑक्सीजन की मांग बड़ गई है और दूसरी तरफ रेमडिसिविर इंजेक्शन की मांग बढ़ गई है।
  • कोरोना के शुरुआती समय रेमडिसिविर इंजेक्शन लगवाना बहुत फायदेमंद है। कई राज्यो मे तो रेमडिसिविर इंजेक्शन की कमी पाई गई है। इस इंजेक्शन की कालाबाजारी भी हो रही है। इस वजह से कोरोना मरीजों के इलाज में समस्या हो रही है।
  • कुछ लोग तो रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत नही फिर भी लगवा रहे हैं वे सोचते है की इससे से उन्हे कभी कोरोना नही होगा। कोरोना काल में रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर मारामारी हो रही है।
  • आइए जानते है रेमडेसिविर इंजेक्शन क्या है

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रेमडेसिविर इंजेक्शन क्या है

  • रेमडेसिविर इंजेक्शन होता है, यह छ दिनो की डोज है। इसमें छ इंजेक्शन लगते हैं।
  • इसकी खोज अमेरिकी दवा कंपनी गिलीयड साइंसेस ने हेपेटाइटिस सी के इलाज के लिए 2009 में की गई थी, तब यह हेपेटाइटिस सी के इलाज में फेल हो गया था।
  • 2014 में इबोला वायरस के इलाज के लिए इसका उपयोग करने लगे। वर्तमान में इसका उपयोग कोरोना वायरस के इलाज में हो रहा है।
  • रेमडेसिविर इंजेक्शन से कोरोना खत्म नहीं होता हैं बल्कि यह कोरोना को शरीर में फैलने से रोकता है।
  • अगर आप कोरोना के शुरुआती समय यानिकि शुरू के तीन दिन में रेमडेसिविर इंजेक्शन लग जाते हैं तो इसका फायदा है। अगर आपका ऑक्सीजन लेवल 85 तक है तो यह शरीर में कोरोना को फैलने से रोक सकता है। ऑक्सीजन लेवल 85 से एक बार भी नीचे हुआ तो इसका मतलब करना फेफड़ों में फैल गया फिर रेमडेसिविर इंजेक्शन का कोई फायदा नही है यह आपको कोरोना से नही बचा सकता है।
  • WHO ने भी ये कह दिया था कि रेमडेसिविर इंजेक्शन कोरोना का सटीक इलाज नहीं है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन किसके नही लगता है

  • जिन्‍हें सीवर रेनल इम्‍पेयरमेंट है या लिवर एंजाइम्‍स ज्‍यादा हैं। गर्भवती और स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं तथा 12 साल के कम उम्र के बच्‍चों को भी रेमडेसिविर इंजेक्शन नही लग सकता है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन क्यों नहीं मिल रहे हैं

  • रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी आ गई है इसीलिए इंजेक्शन मिलना मुश्किल हो रहा है। इसकी कमी इसीलिए हुई है क्योंकि कंपनी ने इसका उत्पादन दिसंबर में घटा दिया था क्योंकि उस वक्त रोजाना 30 हजार के आसपास मामले आ रहे थे, इसीलिए इंजेक्शन की डिमांड कम हो गई थी।

रेमडेसिविर इंजेक्शन के फायदे

  • रेमडेसिविर एक एंटीवायरल दवा है। इसका फायदा कोरोना होने के पहले हफ्ते में ही सबसे अधिक देखा जाता है। यदि कोरोना हुए एक हफ्ते से अधिक समय हो जाता है तो इसके इस्तेमाल के बाद भी मरीज को कोई ज्यादा फायदा नहीं होता। अगर आप कोरोना के शुरुआती समय यानिकि शुरू के तीन दिन में रेमडेसिविर इंजेक्शन लग जाते हैं तो इसका फायदा है। अगर आपका ऑक्सीजन लेवल 85 तक है तो यह शरीर में कोरोना को फैलने से रोक सकता है।
  • ऑक्सीजन लेवल 85 से एक बार भी नीचे हुआ तो इसका मतलब करना फेफड़ों में फैल गया फिर रेमडेसिविर इंजेक्शन का कोई फायदा नही है।

Remdesivir इंजेक्शन के साइड इफेक्ट

  • रेमडेसिवीर इंजेक्शन के साइड इफेक्ट भी हैं। इसके लगने के बाद नींद और थकान होने लगती है।
  • प्रेग्नेंट महिला के शरीर पर साइड इफेक्ट हो सकते हैं। अगर इसके लगने के बाद साइड इफेक्ट दिखे तो डॉक्टर की सलाह से और डोज लगवाए।
  • कुछ लोग बोलते है की रेमडेसिवीर इंजेक्शन किडनी, लिवर पर असर पड़ सकता है लेकिन इनके बारे मे रिसर्च नहीं की गई है।

रेमडेसिवीर इंजेक्शन के बारे में पूछे जाने वाले सवाल

क्या रेमडेसिवीर इंजेक्शन पूरी तरह कोरोनावायरस का इलाज करता है?

  • रेमडेसिवीर इंजेक्शन कोरोना शरीर में फैलने से रोकता है। अगर आपका ऑक्सीजन लेवल 85 तक है तो यह शरीर में कोरोना को फैलने से रोक सकता है।
  • ऑक्सीजन लेवल 85 से एक बार भी नीचे हुआ तो इसका मतलब करना फेफड़ों में कोरोना फेल गया फिर रेमडेसिविर इंजेक्शन कोरोना को रोक नहीं सकता है इससे कोरोना वायरस का पूरी तरह इलाज नहीं होता है।

क्या रेमडेसिवीर इंजेक्शन से नींद आती है?

  • रेमडेसिवीर इंजेक्शन लगने के बाद आपको नींद आने लगती है और थकान होने लगती है।

रेमडेसिवीर इंजेक्शन कहा बनती है?

  • भारत में कई कंपनियां रेमडेसिविर इंजेक्शन का उत्पादन कर रही है। इनमे डॉक्टर रेड्डी लेबोरेटरीज लिमिटेड, हिटरो लैब्स लिमिटेड, जुबिलेंट लाइफ साइंसेस लिमिटेड, बायोकॉन लिमिटेड सिंजेन, जायडस कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड और इंडियन यूनिट ऑफ मिलान है।

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रेमडेसिविर के कितने इंजेक्शन लगते है?

  • यह छ दिनो की डोज है। इसमें छ इंजेक्शन लगते हैं।

असली और नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन की पहचान केसे करे?

  • असली रेमडेसिवीर इंजेक्शन पर 100 mg/Vial लिखा होता है और नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन पर भी 100 mg/vial लिखा होता है लेकिन असली रेमडेसिवीर इंजेक्शन पर Vial मे बड़ा V लिखा होता है और नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन पर Vial में छोटा v लिखा होता है। ये अंतर होता है।
  • असली रेमडेसिवीर इंजेक्शन पर For use in लिखा होता है और नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन पर भी for use in लिखा होता है लेकिन असली रेमडेसिवीर इंजेक्शन पर For में F बड़ा लिखा होता है और नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन पर for में f छोटा लिखा होता है।
  • असली रेमडेसिवीर इंजेक्शन के पैकेट के पीछे रेड कलर में चेतावनी लिखी होती है और नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन के पैकेट के पीछे ब्लैक कलर में चेतावनी लिखी होती है।
  • असली रेमडेसिवीर इंजेक्शन के नाम से ठीक पहले rx लिखा होता है और नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन के नाम से ठीक पहले rx नही लिखा होता है।
  • असली रेमडेसिवीर इंजेक्शन के पैकेट में स्पेलिंग की गलती नहीं होती है और नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन के पैकेट में स्पेलिंग की गलती होती है।
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