ओट्स कार्बोहाइड्रेड और फाइबर का एक बहुत अच्छा स्रोत हैं इसमें Beta-Glucan होता है जो की कोलेस्ट्रॉल लेवल को सही रखता हैं Bad कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करता है इसलिए डायबिटीज के मरीज को भी ओट्स खाने की सलाह दी जाती हैं ।
अगर आप डायटिंग कर रहे है तो ओट्स आपकी भूख को कंट्रोल करने में भी मदद करता है और पाचन क्रिया के लिए अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है इसलिए ओट्स खाना अच्छा रहता है
ओट्स ग्लूटेन फ्री भी होते है।

ग्लूटेन फ्री क्या होता है।

  • ग्लूटेन को अगर सिंपल भाषा में समझे तो यह दो प्रोटीन का मिक्सर है जिनकी पाचन क्रिया कमजोर है। ग्लूटेन उनके ज्यादा परेशान करता है जैसा अगर हम गेहूं का आटा गुंदते है तो उसका वह रबर की खीच सकता है जो की मैदा में बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है जो हमारे पाचन सकती को कमजोर बनाता है और अगर आप ओट्स का आटा गुदते है तो वह टूट जाता है क्योंकि उसमे उसमे ग्लूटेन बहुत कम या नगण्य मात्रा में पाया जाता है।जिसको हम ग्लूटेन फ्री भी बोल सकते हैं।
  • जब भी आप ओट्स खरीदे तो पैकेट के पीछे लिखे न्यूट्रीशन वैल्यू जरूर पढ़ें और ध्यान रखे की अगर उस पर लिखा है 100% ओट्स और नो एडेड आर्टिफिशियल इंग्रेडिएंट्स ।

ऐसे ओट्स जो हमें बिलकुल नही खाने चाहिए

  1. मसाला ओट्स
  2. कोई फ्लोवर्ड ओट्स

ये हमे बिल्कुल नही खाने चाहिए क्योंकि इनमें 50 से 60% ओट्स होते है बाकी आर्टिफिशियल इंग्रेडिएंट्स होते हैं।

हमारे शरीर के लिए अच्छे ओट्स

1. स्टील कट ओट्स

  • यह गेहूं के दाने के जैसा दिखता है
  • इसको उपयोग के लिए बनाने में 15 से 30 मिनट लगते है। अगर इसको आप पहले भिगोकर रखे थोड़ी देर के लिए तो यह जल्दी बन जाता है। यह ग्लूटेन फ्री होता है।
  • इसमें प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत हैं। इसमें जिंक और मैगनिज भी अच्छी मात्रा में होते हैं। यह एक अच्छी एनर्जी का स्रोत हैं।

2. रोल्ड या होल ओट्स

  • यह ओट्स एक बार स्टीम किया जाता है इसमें पाउडर नही होता ।
  • इसको बनाने में 5 मिनट लगते है। इससे थोड़े लंबे समय के लिए एनर्जी बनी रहती हैं।

3. इंस्टेंट या क्विक ओट्स

  • मार्केट में सबसे ज्यादा मिलने वाला यह ओट्स होता हैं इसमें पाउडर भी होता हैं।
  • इसको बनाने 1 से 2 मिनट लगते हैं। इससे थोड़ी देर तक एनर्जी बनी रहती हैं।
  • इन तीनो ओट्स में ज्यादा फर्क नही होता है सबकी न्यूट्रीशन वैल्यू एक लगभग जैसी होती हैं अगर आपको पाचन की समस्या है तो आप स्टील कट ओट्स ले क्योंकि उसमे ज्यादा फाइबर होता है ।
  • अगर आपके शरीर में कोई समस्या नही है तो आप कोई भी ओट्स ले सकते हैं।

ओट्स और दलिया में अंतर

  • ओट्स और दलिया में लगभग कैलोरी एक जैसी ही होती है बस फाइबर ओट्स में होता है ।
  • ओट्स पचाने में आसान होते है ये आप इसे समझ सकते है की एक गिलास नॉर्मल पानी में अगर आ थोड़ी देर ओट्स भिगोकर रखते है तो ओट्स अपना आकार में बदलाव और स्मूथनेस आ जाती हैं।
  • दलिया में पानी डालकर रखते है तो उसमे ज्यादा कुछ नहीं होता उसको पकाना ही पड़ता हैं।
  • अगर आप जिम जाते है तो जिम जाने से पहले अगर आप कुछ कार्ब लेना चाहते है तो एक गिलास में पानी में ओट्स डालकर पी सकते है जो की आसानी से पच जाते है।
  • और ऐसा हम दलिया के साथ नही कर सकते हैं।

न्यूटिशन फैक्ट्स

न्यूटिशन फैक्ट्सओट्स (50gm)
कैलोरी190
सैचुरेटेड फैट0.6 gm
सोडियम3 gm
कोलेस्ट्रॉल0gm
कार्बोहाइड्रेट34gm
फाइबर5gm
शुगर0.5gm
प्रोटीन6.6gm
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