महिलाएं खुद को अंदर से मजबूत कैसे बनाये? | मानसिक शक्ति बढ़ाने के उपाय

महिलाएं खुद को अंदर से मजबूत कैसे बनाये? | मानसिक शक्ति बढ़ाने के उपाय | अपने आप को कैसे मजबूत करें? | भावनात्मक रूप से कमजोर | मन को स्ट्रांग कैसे बनाये

  • महिला हो या पुरुष मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत जरुरी होता है। आज हम आपको बताते हैं कि महिलाएं खुद को अंदर से मजबूत कैसे बनाये?, मानसिक शक्ति बढ़ाने के उपाय
  • कुछ लोग बोलते है महिलाएं जल्दी भावुक हो जाती है, और किसी भी फैसले को दिल से लेते हैं। जिसकी वजह से महिलाओं को कमजोर बताया जाता है, और महिलाएं अपने आपको कमजोर समझती है। ऐसा कुछ नहीं है बल्कि भावुक, जीवंत और किसी भी फैसले को दिल से लेना ये सब भावनात्मक गुण होते हैं, जो महिलाओं में पाये जाते हैं।
  • इन गुणों के कारण महिलाएं अपने आप को किसी भी माहौल में डाल लेती हैं। लेकिन कुछ महिलाएं अपने गुणों को निखारकर किसी भी माहौल नही ढाल पाती है, अपने आपको कमजोर महसूस करती है।
  • आज हम आपको बताते हैं कि महिलाएं कोन कोन से फैसले, या काम करके अपने आपको अंदर से मजबूत बना सकती हैं। आइए जानते हैं महिलाएं खुद को अंदर से मजबूत कैसे बनाएं?, मानसिक शक्ति बढ़ाने के उपाय

महिलाएं खुद को अंदर से मजबूत कैसे बनाएं?

पहले अपनी कमजोरियों को पहचाने और उनसे सीखे

  • अपने आप को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले अपनी कमजोरियों को पहचाने और उनसे सीखे।
  • आप बहुत सारे काम करती हैं और कुछ काम नहीं कर सकती है यह इसलिए नहीं है कि आप एक महिला है क्योंकि महिला हो या पुरुष कुछ काम ऐसे भी होते हैं जो हमसे नहीं होते हैं।
  • अगर आप कोई काम नहीं कर पाते और वह आपके कमजोरी है तू अपने आप को मजबूत बनाकर परेशान होने की बजाय उस कमजोरी को अपने आगे बढ़ने की सीडी समझिए और कमजोरी पर पैर रखकर आगे बढ़ जाए।

अपने जीवन के फैसले खुद ले

  • अपने जीवन के फैसले खुद ले यह अधिकार किसी और को नहीं दे। चाहे छोटा से छोटा है बड़ा से बड़ा क्यों ना हो अपनी जिंदगी के फैसले सभी महिलाओं को खुद ही लेने चाहिए।
  • अपनी जिंदगी की बागडोर किसी और के हाथों नहीं दे। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है, और अपने आप को अंदर से मजबूत महसूस करेंगी।

कोई आप को कमजोर बोलता है तो यह माने नहीं

  • सदियों से लोग महिलाओं को कमजोर कहते आ रहे हैं। अगर आपको कोई कमजोर बोलता है तो माने नहीं ऐसा लोग तब करते हैं जब वे स्त्री को मानसिक रूप से कमजोर करना चाहते हैं।
  • आप अपने आपको अच्छे से जानती हैं और आपको पता है कि आप कमजोर हैं या मजबूत। इसीलिए अगर कोई आपको कमजोर कहे तो उसकी बात नहीं माने बल्कि अपने आप को इतना मजबूत बना ले कि उनकी बातों से आपको कोई फर्क ही नहीं पड़े और किसी को भी अपनी हिम्मत ना तोड़ने दे।

आपको जो सही ना लगे, उसे छोड़ दीजिए

  • अगर आप कोई काम कर रही हैं और आपको लग रहा है कि इसमें आपको कोई फायदा नहीं है। आपकी मेहनत खराब जा रही है तो आप उसे छोड़ दीजिए। यह नहीं सोचे की दुनिया क्या कहेगी। आप अपने हिसाब से काम करिए। अपने फैसले को शिद्दत से निभाए।

लोग चोट पहुंचाते है तो उससे सिख लीजिए

  • जब लोग आपको चोट पहुंचाते हैं तो रोना आना स्वाभाविक होता है ऐसी परिस्थिति में आंसुओं को रोके नहीं बल्कि उनसे कुछ सीखें। अगर आ जा
  • कल ऐसी स्थिति बनने ही ना दें कि ऐसा फिर से हो। अपने आप को इतना शक्तिशाली बना ले की अगली बार लोग आपको किसी भी तरह की चोट नहीं पहुंचा सकें।

लोगों की बातें नहीं सुने

  • आप कोई ऐसा काम कर रही हैं जो नया है और वह आपके हित में है उससे आपको फायदा होगा तो लोग आपके पर टिप्पणी करेंगे कि इसमें कोई फायदा नहीं होगा। लेकिन अगर आपको विश्वास है कि आपको इसमें फायदा होगा तो आप लोगों के बात ना सुनकर अपने कार्य को लगातार करती रहे।

अकेले होने से डरे नहीं

  • अकेले होने पर डरे नहीं, बल्कि उस समय का भी सदुपयोग करें। अपना समय योजना बनाने और उत्पादक कामों में लगाए। अपनी खुशियों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहे। अकेले होने पर भी खुश रहे।

अपने प्रति नरमी बरते

  • लोगों को गलत साबित करने के लिए खुद को मजबूत जरूर करें लेकिन मजबूत करने के चक्कर में अपने ऊपर दबाव ना डालें। क्योंकि आप यहां किसी की नजरों में खुद को खास मुकाम देने नहीं आई है।
  • अपने आपको थोड़ा आराम भी दे सब्र रखें और खुश रहते हुए लोगों को गलत साबित करें। सुकून से चलते रहने से आप अपनी सेहत और मन दोनों को संभाल कर एक अच्छा जीवन जी पाएंगी।

दूसरों को खुश करने के लिए खुद दुखी ना करे

  • ऐसा कोई भी काम न करे जिससे दूसरों को खुशी मिलती है और अपने आप को दुखी कर देते हो। वही काम कर जिससे आपको खुशी मिले और किसी और को समस्या भी नहीं हो। दूसरों को खुश करने का प्रयास उतना ही करे, जितना जरूरी हो।

भावुक होना आपकी ताकत है

  • आप भावूक हो, जल्दी पिघल जाती हो, रोने लगती है इसलिए सही फैसले नहीं कर पाएंगी यह कहकर लोग आपको चुप कर देते हैं लेकिन आपको चुप नहीं रहकर उनको बताना है कि जो लोग अपनी भावनाओं को समझते हैं वही दूसरों की भावनाओं को समझ कर उनके लिए अच्छे फैसले ले सकते हैं।
  • भावुकता को अपनी ताकत बनाकर लोगों को उनको मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।

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