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Thursday, July 29, 2021

धागे वाली मिश्री के फायदे | Dhage Wali Mishri Benefits

मिश्री क्‍या है? | धागे वाली मिश्री के फायदे | dhage wali mishri benefits in hindi | मिश्री खाने के नुकसान | मिश्री खाने के तरीके

मिश्री को तो सभी जानते है मिश्री का उपयोग पूजा में प्रसाद के रूप में किया जाता है। मिश्री का उपयोग खाने में भी किया जाता है। इसकी तासीर ठंडी होती है, यह स्वाद में मीठी होती है। इसके सेवन के कई फायदे हैं जो हमे बीमारियो से बचाते हैं। इसका उपयोग मीठे पकवान या फिर दूध में चीनी की जगह किया जाता हैं। इसमें औषधीय गुण होते हैं जिससे इसका उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाओं किया जाता है।

मिश्री गन्‍ने और खजूर के रस से बनकर तैयार होती है। इसे बनाने में किसी भी तरह के केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता है। इसीलिए इसके सेवन अनेक फायदे हैं। मिश्री को अंग्रेजी भाषा में रॉक शुगर कहा जाता है और यह चीनी से थोड़ी कम मीठी होती है। आइए जानते हैं मिश्री खाने के फायदे

मिश्री क्‍या है?

मिश्री को मुख्य रूप से गन्ने और खजूर के रस से तैयार किया जाता है। यह चीनी के मुकाबले कम मीठी होती है। मिश्री को अंग्रेजी में रॉक शुगर के नाम से भी जाना जाता है। इसमें कई प्रकार के विटामिन्स, जरुरी खनिज एवं एमिनो एसिड पाया जाता है जो हमारी सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

धागे वाली मिश्री कैसे बनाई जाती है?

मिश्री बनाने के लिए गन्ने का उपयोग किया जाता है। मिश्री शुद्ध होती है इसे बनाने में किसी भी तरह के केमिकल्स का उपयोग नहीं किया जाता है। पहले गन्ने के रस का गाढ़ा घोल बनाया जाता है। फिर इस घोल में धागे को उल्टा लटका दिया जाता है। उसके बाद मिश्री के क्रिस्टल अपने आप बन जाते हैं बिना किसी केमिकल की मदद के। मिश्री के क्रिस्टल प्राकृतिक रूप से बनते हैं इसीलिए यह शुद्ध होती है।

धागे वाली मिश्री के फायदे ( dhage wali mishri benefits)

1. मोटापे से छुटकारा पाए

जो लोग मोटापे से परेशान हैं और मोटापा कम करना चाहते हैं तो उनके लिए सौंफ और मिश्री का पानी बहुत फायदेमंद है। इससे मोटापा कम हो जाता है क्योंकि खाली पेट सौंफ और मिश्री का पानी पीने से भूख कम लगती है, मेटाबॉलिज्म की दर तेज हो जाती है जिससे कैलोरीज और फैट को तेजी से बर्न करने में मदद मिलती है।

2. पाचन शक्ति बढ़ती है

पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए भी मिश्री का उपयोग फायदेमंद होता है। खाने के बाद मिश्री का सौंफ के साथ सेवन करने से पाचन क्रिया सही रहती है। मिश्री में डाइजेस्टिव गुण मौजूद होते हैं, जिससे खाने को पचाने में मदद हो सकती है। अगर किसी को खट्टी डकार आती है तो सौंफ को उबालकर तथा मिश्री मिलाकर दिन में दो तीन बार सेवन करे डकारें आना बंद हो जाएगी है।

3. आलस नही आता है

खाना खाने के बाद आलस सभी को आता है अगर खाना खाने के बाद मिश्री और सौंफ खाते हैं तो आलस नही आएगा। क्योंकि मिश्री मतलब मीठे की थोड़ी सी मात्रा शरीर में जाती है तो शरीर एक्टिव हो जाता है जिससे आलस नही आता है, इसीलिए खाना खाने के बाद सौंफ और मिश्री का सेवन जरूर करना चाहिए।

4. एनीमिया से छुटकारा पाए

एनीमिया से छुटकारा पाने के लिए मिश्री काफी लाभकारी है। मिश्री के सेवन से हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार होता है। ब्लड सर्कुलेशन की प्रक्रिया को भी सुधारती है। एनीमिया के इलाज में जिन आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग करते है उसमे भी मिश्री का प्रयोग किया जाता है

5. दिमाग को शांत करे

मिश्री और सौंफ खाने से दिमाग शांत रहता है। सौफ खाने से इसकी खुशबू दिमाग को शांत करती है और मिश्री की मिठास मन को शांत करती है। हमारी जीभ में जो स्वाद कलिकाएं होती हैं, सौंफ और मिश्री खाते समय उनके संतुष्ट होने और दिमाग के शांत होने से हमारे शरीर में खुश करने वाले हॉर्मोन्स का सीक्रेशन अधिक होने लगता है।

6. एनर्जी के लिए

मिश्री चीनी का अनरिफाइंड रूप है। इसीलिए चीनी में सुक्रोज की मात्रा पाई जाती है और मिश्री में भी सुक्रोज की मात्रा होती है। जिससे शरीर को तुरंत ऊर्जा मिल जाती है। इसीलिए एनर्जी के लिए मिश्री का सेवन कर सकते हैं।

7. गर्भावस्था में फायदेमंद होता है

गर्भवती महिलाओं में हार्मोनल बदलाव होते हैं जिसके कारण चिंता, तनाव और अवसाद की समस्या रहती है। मिश्री का सेवन करने से इन समस्याओं से राहत मिलती है। इसलिए गर्भवती महिला को रोजाना रात को सोने से पहले मिश्री वाला दूध पीना चाहिए।

8. हीमोग्लोबिन की समस्या से छुटकारा पाए

मिश्री के सेवन से एनीमिया की समस्या से राहत मिलती है। एनीमिया की समस्या दूर होने पर हीमोग्लोबिन भी सही हो जाती है। शरीर में खून का स्तर बढ़ाने के लिए मिश्री का सेवन दूध के साथ करें। इसीलिए हीमोग्लोबिन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए मिश्री का सेवन करें।

9. नकसीर की समस्या में राहत

मिश्री नकसीर की समस्या से छुटकारा दिलाने में भी मदद करती है। नकसीर की समस्या गर्मियों के दिनो मे गर्मी की वजह से होती है। मिश्री की तासीर ठंडी होती है यह शरीर को ठंडा रखती है। इसीलिए नकसीर की समस्या में शाम के समय मिश्री और कतिरा भिगो दे और सुबह दोनो को मिलाकर खाले, यह इस समस्या से छुटकारा पाने में मददगार है।

10. दस्त लगने पर

दस्त लगने पर मिश्री का सेवन फायदेमंद है। दस्त लगने पर 10 ग्राम मिश्री पाउडर के साथ 10 ग्राम धनिया पाउडर एक गिलास पानी में मिलाकर रोजाना दिन में तीन बार पिएं, दस्त बंद हो जाएंगे।

11. मुंह में छाले होने पर

मुंह में छाले की समस्या को दूर करने के लिये इलायची को महीन पीसकर उसमें पिसी हुई मिश्री मिलाकर जीभ पर रखने से छाले दूर होते हैं।

12. याददाश्त तेज होती है

याददाश्त तेज करने में भी मिश्री लाभदायक है। मिश्री का उपयोग आयुर्वेद में मानसिक स्वास्थ्य की दवाई में भी किया जाता है। रोजाना इसके सेवन से याददाश्त मजबूत होती है और मानसिक तनाव से भी राहत मिलती है।

13. भूख लगने की क्षमता बढ़ती है

मिश्री में बना बादाम का मुरब्बा खाने से भूख अधिक लगती है। इसके लिए बादाम को आधा दिन पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद बादाम के ऊपर का छिलका हटा कर उसे मिश्री की बनी चासनी में मिलाकर मुरब्बा बना लें। इस मुरब्बे को रोज खाएं। इससे भूख लगने की क्षमता बढ़ती है।

14. आंखो की रोशनी के लिए फायदेमंद है

मिश्री और सौंफ, बादाम आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद है। इसके लिए बादाम, मिश्री और सौंफ को पीसकर स्टोर कर लें। फिर रोजाना सुबह और शाम गिलास दूध के साथ एक चम्मच पाउडर का सेवन करें। आपको आंखो की रोशनी में फायदा होगा।

15. सर्दी, जुकाम होने पर

सर्दियों के मौसम में खांसी, जुकाम अक्सर हो जाती है। इसीलिए खांसी, जुकाम होने पर मिश्री में काली मिर्च का पाउडर मिलाकर सेवन करें, आपको फायदा होगा।

16. शरीर की गर्मी दूर करे

शरीर में गर्मी होने पर आप मिश्री खा लें। मिश्री खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और शरी की गर्मी से आपको राहत मिल जाती है। गर्मी होने पर आप एक गिलास ठंडे पानी में मिश्री के दाने डाल दें। इस पानी में अच्छे से मिश्री को घोलें और जब ये अच्छे से घूल जाए तो इस पानी को पी लें। ये पानी पीने से शरीर अदंर से ठंडा हो जाएगा।

मिश्री के रोजाना इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह ले।

मिश्री खाने के तरीके

  1. मिश्री, बादाम, किशमिश को शाम के समय पानी में भिगो कर ठंडाई बनाकर पी सकते हैं।
  2. मिश्री को कतीरे के साथ भिगो कर खा सकते हैं।
  3. मिश्री को सौंफ के साथ माउथ फ्रेशनर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।
  4. मिश्री बादाम का पाउडर बनाकर खा सकते हैं।
  5. आप मिश्री को गर्म दूध के साथ रात में ले सकते हैं।
  6. बादाम का मिश्री के साथ मुरब्बा बनाकर खा सकते हैं।
  7. मिश्री और इलायची की सेवन कर सकते हैं।

मिश्री खाने के नुकसान

  1. अगर हम मिश्री का अधिक सेवन करते हैं तो हमारे लिए नुकसान दायक हो सकती है।
  2. मिश्री से पाचन शक्ति बढ़ती है लेकिन अधिक सेवन से आपको गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या हो सकती है।
  3. मिश्री की तासीर ठंडी होती है, इसलिए सर्दी-जुकाम में इसका सेवन नही करें।
  4. अगर आपकी दवाई चल रही है तो मिश्री के नुकसान से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  5. अधिक मिश्री खाने से शरीर में शुगर का स्तर बढ़ सकता है और आपको मुधमेह का रोग हो सकता है। इसलिए आप अधिक मिश्री ना खाएं।

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