Calcium Tablet Side Effects In Hindi | calcium tablets side effects | calcium tablets ke side effects | गर्भवती महलाओं के लिए कैल्शियम

कैल्शियम हमारे शरीर के लिए बहुत ज़रूरी होता है, यह हमारी हड्डियों और दांतों को मजबूत रखता है, कैल्शियम दूसरे खनिजों (जैसे फॉस्फेट) को भी शरीर में मिलाने और बाहर निकालने का काम करता है।

चलो Calcium Tablet Side Effects In Hindi के बारे में विस्तार से चर्चा करते है |

कैल्शियम टैबलेट के नाम

कैल्शियम हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है हम हमारे शरीर कैल्शियम की मात्रा बढ़ाने के लिए Calcium Tablets भी लेते है। लेकिन हमे डॉक्टर की सलाह लेकर ही कैल्शियम टेबलेट का सेवन करना चाहिए। फिर भी अगर आप जानना चाहते है तो हम डॉक्टर द्वारा बताई गई कुछ टेबलेट्स के नाम बता देते है लेकिन आप कृपया इन्हे अपने नजदीकी डॉक्टर की सलाह से ही उपयोग से ही ले ।

आइए जानते हैं कैल्शियम टैबलेट के नाम

  1. Ostocalcium Tablet
    Ostocalcium Tablet में कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन डी होता है। यह टैबलेट हड्डियों को मजबूत रखती है। 1 से 15 साल तक बच्चे जो खेलते है उनके लिए यह टैबलेट हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करती है।
  2. Shelcal – 500
    इस टैबलेट में कैल्शियम कार्बोनेट, विटामिन डी 3 है। यह हड्डियों की कमजोरी व शारीरिक कमजोरी को दूर करती है। प्रेग्नेंट महिला को सबसे ज्यादा कैल्शियम की आवश्यकता होती है। इसीलिए डॉक्टर भी प्रेग्नेंट महिलाओं को Shelcal – 500 देते हैं।
  3. Supercal 500
    इस टैबलेट में भी कैल्शियम कार्बोनेट, विटामिन डी होता है।
  4. Omnical Tablet
  5. Trical D

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 कैल्शियम टेबलेट के साइड इफेक्ट { Calcium Tablet Side Effects }

शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर हमें कई तरह की बीमारियां होने लग जाती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर कैल्शियम की गोलियां लेने की सलाह देते हैं, लेकिन आपको शायद यह जानकारी नहीं होगी कि कैल्शियम टैबलेट्स का ज़्यादा सेवन करना भी हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक होता है।

आइए जानते हैं कैल्शियम की अधिकता से होने वाले साइड इफेक्ट कोन कोन से है

  • हार्ट हटेक का खतरा
    एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कैल्शियम की गोलियां ज्यादा मात्रा में लेने से हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
  • कैल्सेमिया नामक बीमारी का होना
    अगर रक्त ने कैल्शियम की मात्रा अधिक हो जाती है तो कैल्सेमिया नामक बीमारी हो जाती है इस स्थिति में पैराथाइरॉइड नामक ग्रंथि प्रभावित होती है और उसके कार्य करने में समस्या पैदा हो जाती है।
  • किडनी को खतरा
    अधिक मात्रा में कैल्शियम लेने से किडनी के द्वारा पेशाब से अधिक कैल्किशम की मात्रा गुजरती है, जो कि धीरे-धीरे किड़नियों में जमने लगता है और बाद में वही जाकर स्टोन बन जाता है। यह अधिक कैल्शियम खाने का सबसे बुरा नतीजा होता है।
  • हड्डियों के टूटने का खतरा
    कैल्शियम का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में कैल्सियम की अधिक मात्रा फास्फेट के साथ मिलकर एक केमिकल का निर्माण करता है, जो हड्डियों को अत्यधिक कठोर बनाकर भुरभुरा कर देता है जो आसानी से टूट जाती हैं। इसके अलावा हड्डियों में झुकाव भी हो जाता है।
  • मैग्नीशियम की कमी होना
    शरीर की आवश्यकता से अधिक कैल्शियम का उपभोग कई बार शरीर में तेजी से मैग्नीशियम की कमी पैदा करता है जो आपकी हड्डियों के अलावा सेहत के लिए भी बहुत खतरनाक है।

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बच्चो को कैल्शियम कैसे दे ?

बच्चो के लिए खासकर बढ़ते बच्चो के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी है। कैल्शियम बच्चो की लंबाई बढ़ाने में सहायक होता है। यह उनकी हड्डियों, दांतों और पाचन को मजबूत रखता है।  

आइए जानते है बच्चो को बेहतर व सही मात्रा में कैल्शियम कैसे दिया जाए –

  • दूध
    अगर आप बच्चे को रोजाना एक गिलास दूध दे तो यह उसके लिए बहुत अच्छा है। अगर कोई बच्चा दूध नहीं पीता है तो हम उसको दूध से बनी हुई चीजे खिला सकते हैं। दूध ने भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है।
  • संतरा
    संतरा में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है इसके साथ ही संतरे में कैल्शियम भी पाया जाता है। अगर हम रोजाना बच्चे की एक गिलास संतरे का जूस पिलाएंगे तो कैल्शियम की अच्छी मात्रा मिलेगी।
  • सोया उत्पाद
    कैल्शियम के लिए हम बच्ची को सोया से बनी चीजें भी से सकते हैं। सोयाबीन या सोया से बने उत्पाद कैल्शियम का अच्छा स्रोत है।
  • हरी पत्तेदार सब्जियां
    कैल्शियम की मात्रा हरी सब्जियों में भी भरपूर मात्रा में होती है |
  • तिल
    तिल भी कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। हम बच्चो को तिल से बने लड्डू भी से सकते हैं। जो बच्चो को बहुत पसंद आते हैं। तिल में कैल्शियम के साथ साथ जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं जो बच्ची मानसिक विकास के लिए बहुत अच्छे होते हैं
  • अंडा
    अंडा भी कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत होता है। अगर कोई बच्चा हरी सभी नहीं खाता है तो उसे अंडा दे सकते हैं।

गर्भवती महलाओं के लिए कैल्शियम के फायदे

आइए जानते हैं गर्भवती महलाओं के लिए कैल्शियम के फायदे

  • गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम की आवश्यक मात्रा की पूर्ति हाई ब्लडप्रेशर की गंभीर स्थिती काफी हद तक कम कर सकती है।
  • कैल्शियम की कमी से समय से पहले प्रसव का जोखिम बढ़ जाता है। अगर कैल्शियम की आवश्यक मात्रा की पूर्ति हो जाती है तो यह खतरा दूर ही जाता है।
  • जन्म के समय बच्चे का वजन कम होना कैल्शियम की कमी का एक दुष्परिणाम होता है। अगर गर्भवती महिला ने कैल्शियम की मात्रा सही है तो जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने की समस्या नहीं होगी।
  • अगर मां द्वारा लिए जाने वाले आहार से भ्रूण को आवश्यक कैल्शियम नहीं मिलता है, तो इस स्थिती में वह जरूरी कैल्शियम की पूर्ति मां की हड्डियों और दांतों से करने लगता है। इस कारण गर्भवती महिला की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उसे हड्डियों से संबंधित समस्याओं (ऑस्टियोपोरोसिस ) का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में कैल्शियम की आवश्यक मात्रा की पूर्ति गर्भवती महिला को इस जोखिम से दूर रखने में मदद करती है।

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CONCLUSION :-

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