Benefits of Giloy | गिलोय के फायदे | गिलोय के औषधीय गुण | गिलोय का सेवन कैसे करते हैं | 20 गिलोय के फायदे | गिलोय (Giloy) के अध्भुत फायदे Benefits of Giloy

  • गिलोय जिसे हिंदी में अमृता या गुडुची भी कहा जाता है, यह एक जड़ी बूटी है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में मदद करती है। 
  • मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह स्वाद में कड़वा होता है और रक्त शर्करा के स्तर को प्रबंधित करने में मदद करता है।  यह पाचन शक्ति में मदद करता है और वजन काम करने में भी उपयोगी है।
  • गिलोय पाउडर, काढा (चाय), जूस या गोलियों का उपयोग त्वचा की विभिन्न समस्याओं के लिए भी किया जाता है क्योंकि यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।
  •  डेंगू बुखार होने पर गिलोय का काढ़ा बहुत फायदेमंद होता है |

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गिलोय का सेवन कैसे करते हैं :

गिलोय का सेवन चूर्ण बना कर करते हैं, इसका काढ़ा बनाकर सेवन करते हैं आजकल यह केप्सूल और रेडीमेड पाउडर, जूस के रूप में भी मिल जाती है। ( Benefits of Giloy )

गिलोय के फायदे

1. प्रतिरक्षा को बढ़ावा देता है

  • गिलोय एक सार्वभौमिक जड़ी बूटी है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में मदद करती है। 
  • यह एंटीऑक्सिडेंट  है जो फ्री-रेडिकल्स से लड़ता है, आपकी कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है और बीमारियों से छुटकारा दिलाता है। 
  • गिलोय विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद करता है, रक्त को शुद्ध करता है, बैक्टीरिया से लड़ता है जो रोगों का कारण बनता है।
  • रोजाना हमे गिलोय का काढ़ा बनाकर सेवन करना चाहिए।

2. पाचन शक्ति को बढ़ाता है

  • गिलोय पाचन में शक्ति को बढ़ाता है और डायरिया, कोलाइटिस, उल्टी, हाइपरेसिडिटी आदि पाचन संबंधी समस्याओं को कम करता है।
  • एक चम्मच गिलोय पाउडर को 1 गिलास गुनगुने पानी में दिन में दो बार लें।

3. डेंगू बुखार के लिए

  • गिलोय के फायदे | गिलोय एक जड़ी बूटी है।  यह डेंगू बुखार होने पर प्लेटलेट काउंट में सुधार करता है।
  • बुखार होने पर प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती हैं और गिलोय के नियमित सेवन से प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो जाता है और मरीज तेजी से रिकवरी करता है। 
  • अच्छे परिणामों के लिए गिलोय के रस को तुलसी के कुछ पत्तों के साथ उबाले और इसका रोजाना सेवन करें।

4. दमा को कम करता है

  • अस्थमा के कारण छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, घबराहट आदि होती है, जिससे ऐसी स्थिति का इलाज करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
  • गिलोय की जड़ को चबाने या गिलोय का रस पीने से अस्थमा के रोगियों को राहत मिलती है।

5. टाइप- 2 डायबिटीज के फायदे

  • गिलोय टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित रखने में असरदार भूमिका निभाती है।
  • गिलोय जूस ब्लड शुगर के बढे स्तर को कम करती है, इन्सुलिन का स्राव बढ़ाती है और इन्सुलिन रेजिस्टेंस को कम करती है। इस तरह गिलोय डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत अच्छी औषधि है।

6. गठिया और गाउट का इलाज के लिए

  • गिलोय में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑर्थ्रेटिक गुण होते हैं जो गठिया और गाउट को कम करने में मदद करते हैं। 
  • जोड़ों के दर्द के लिए गिलोय के पाउडर को गर्म दूध के साथ सेवन करें।

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7. केंसर में फायदेमंद

  • केंसर में भी राहत देता है। इसीलिए केंसर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए गिलोय और तुलसी का रस पीना चाहिए है।
  • गिलोय और तुलसी, दोनों का ही सेवन हमारे शरीर के खून, सैल्स और प्लेटेटस को बढ़ाने और स्वस्थ रखने के लिए किया जाता है।
  • गिलोय में मौजूद गुण शरीर में कैंसर के सैल्स को खत्म कर खून और सैल्स को साफ कर देते हैं और तुलसी से शरीर पूरी तरह तरोताज़ा हो जाता है।
  • ऍलोपैथी के डॉक्टर भी कैंसर के रोगी को इसे पीने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि बीते कुछ सालों की रिपोर्ट में यह बात साबित हो गयी है कि गिलोय और तुलसी का यह काढ़ा तीसरे स्टेज के कैंसर को भी ठीक कर देता है।

गिलोय के नुकसान

कई बीमारियो का उपचार करने में गिलोय का प्रयोग किया जाता है। लेकिन आप जानते हो इतने गुण होने के बाद भी किन बीमारियो में इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।

आइए जानते हैं

1. ब्लड शुगर का स्तर कम होने पर खतरा

  • गिलोय के सेवन से ब्लड शुगर कम होता है। इसीलिए अगर आपका ब्लड शुगर पहले से ही कम है तो इसका सेवन बिलकुल न करे।
  • अगर आप डायबिटीज जे मरीज है तो ब्लड शुगर कम करते वक्त सावधानी बरतें। डायबिटीज़ में चिकित्सक की सलाह के बिना इसका सेवन न करें।

2. ऑटोइम्यून बीमारी का खतरा

  • इम्युनिटी का सुचारू होना बहुत ज़रूरी है लेकिन इम्यूनिटी बहुत अधिक सुचारू हो जाय तो भी खतरनाक है। क्योंकि इस स्थिति में ऑटोइम्यून बीमारियो के होने का खतरा होता है। यानी इसके अधिक उपयोग से ल्यूपस, मल्टीपल स्कलेरोसिस, रूमेटाइड, अर्थराइड्स जैसी बीमारियों हो सकती है। अगर ये बीमारियां है तो गिलोय का सेवन बिलकुल नहीं करें।

3. गर्भावस्था के दौरान

  • गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसके कारण शरीर पर नकारत्मक प्रभाव पड़ता है।

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4. सर्जरी में

  • अगर आप सर्जरी कराने जा रहे है या सर्जरी हुई है तो भी गिलोय का सेवन न करें, क्योंकि यह ब्लड शुगर को प्रभावित करता है, और इसके कारण घाव सूखने में समस्या हो सकती है।

गिलोय हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद है आपने यह जान लिया होगा अगर आप गिलोय को ज्यूस की तरह उपयोग करना चाहते है और इस ज्यूस में सीबकथोर्न और गिलोय का मिश्रण है। ज्यूस के लिए हमारी E-mail :- [email protected] पर संपर्क करे।

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